जागरुकता से स्वच्छ होगा बिहार

जागरुकता और प्रशिक्षण से गाँव, शहर और राज्य सबकी तस्वीर बदली जा सकती है. हरियाणा के सिरसा जिले में अब से एक साल पहले अधिकतर लोग शौच के लिए खेतों और बगीचों में जाते थे. ऐसा करने वालों में पुरुषों के साथ महिलाएं भी शामिल थीं. सिरसा जिले के ग्रामीण क्षेत्र में लोग इसे बुरा भी नहीं मानते थे. इसके दुष्प्रभाव से भी वे अनजान थे. लेकिन जब वहां पिछले साल स्वच्छता अभियान की शुरुआत हुई, और जिला प्रशासन ने स्वास्थ, शिक्षा और ग्रामीण विकास के विभागों के साथ मिल कर  पहले गाँव स्तर पर अभियान चलाया.

इसके लिए पहले जागरुकता फैलाने वालों की एक टीम बनाई गई. उन्हें स्वच्छता और साफ़ सफाई के महत्व से अवगत कराया गया. फिर इस टीम को गाँव भेजा गया जहां उसने स्कूली बच्चों, शिक्षकों एवं महिलाओं को स्वच्छता अभियान से जोड़ने का प्रयास किया. बच्चों और महिलाओं को गंदगी के दुष्प्रभाव के बारे में बताया गया. उन्हें समझाया गया कि इससे साँसों में तकलीफ, उलटी, त्वचा रोग जैसी बहुत सी गंभीर बीमारियां होती हैं. इसलिए स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छ रहना ज़रूरी है. यह तभी होगा जब लोग बाहर में शौच करना बंद करेंगे और साफ़ सफाई पर ध्यान देंगे.

स्वच्छता अभियान के निरक्षण के लिए गाँव स्तर की टीम गठन करने के साथ ही गाँवों का समूह बनाया गया और फिर ब्लॉक तथा जिला स्तर की टीमें गठित की गईं. इसका एक बड़ा फायदा यह हुआ कि लोगों में अपनी पुरानी आदतों को बदलने का रुझान जरी रहा. बच्चों, जवानों, बूढ़ों एवं महिलाओं यानि समाज के सभी वर्गों को स्वच्छता अभियान से जोड़ने से गाँवों में जागरुकता आई और देखते ही देखते सिरसा जिले की तस्वीर बदलने लगी और पूरा जिला खुले में शौच करने की बूरी आदतों से मुक्त हो गया.

हरियाणा के सिरसा जिले की स्वच्छ अभियान की कहानी बिहार में भी लिखी जा सकती है. याद रहे कि बिहार में अभी भी गाँव से लेकर शहरी इलाके तक में खुले में शौच करने की प्रवृत्ति पाई जाती है. इससे राज्य के अधिकांश इलाके के लोग गंदगी के बीच जीने को मजबूर हैं indiaviagra.net. खुद राज्य की राजधानी पटना में चारों तरफ गंदगी का ढेर देखने को मिल जाएगा. पटना के बारे में यदि कहा जाए कि यह गंदगी के ढेर पर बसा हुआ है तो गलत नहीं होगा. पटना समेत बिहार के दूसरे शहरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्चाता अभियान को सफल बनाया जा सकता है. लेकिन उसके लिए उसी तरह मेहनत करनी होगी जैसी सिरसा जिले के प्रशासन और आम लोगों ने की.

बिहार में भी आमजन को बताना होगा कि बाहर में शौच करने से साँसों में तकलीफ, उलटी और त्वचा रोग समेत कई अन्य गंभीर बीमारियां होती हैं. उससे छुटकारा पाने के लिए लोगों को अपनी बुरी आदतों को छोड़ना होगा. प्रशिक्षित व्यक्तियों की टीम बना कर आम लोगों को यह समझाना होगा कि गंभीर बीमारियों से छुटकारा दिलाने के लिए इलाज से अधिक स्वच्छता की ज़रूरत है.

देश के अन्य हिस्सों की तरह बिहार में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर मॉडल गाँव विकसित करने की शुरुआत हुई है. इसके लिए क्षेत्र के विकास के लिए ख़ास सांसद फंड का इस्तेमाल किया जाना है. अब तक इसका कितना फायदा पहुंच पाया है, उसका आंकड़ा तो नहीं है, लेकिन एक अच्छी पहल के अच्छे परिणाम की उम्मीद ज़रूर की जा रही है. इसमें आम लोगों को भी अपनी भागीदारी निभानी होगी.забродный комбинезон купить украинаsms free sendertopcargo кидалы

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